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पुलिस परिवार हेतु सामुदायिक भवन जिसमें होगा पुलिस परिवार के सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रम

दिनांक 22/5/2026 को बिलासपुर पुलिस कॉलोनी निलयम तिफरा में पुलिस परिवार हेतु सामुदायिक भवन निर्माण हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह आईपीएस भूमि पूजन किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह द्वारा निलयम कॉलोनी में निवासरत परिवार से समय समय पर रूबरू होने पहुंचे थे और देखे की परिवार के सदस्यों के लिए कोई कार्यक्रम आयोजित करने हेतु व्यवस्था नहीं, और अपने प्रयासों से जिला कलेक्टर महोदय डीएमएफ/सीएसआर मद से सामूदायिक भवन स्वीकृत कराया गया, जिस हेतु विधिवत् प्रक्रिया पश्चात आज भूमि पूजन किया गया । इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनीश सिंह, डीएसपी लाइन मंजूलता केरकेट्टा , एसडीओ पीडब्ल्यूडी आदित्य ग्रोवर, रक्षित निरीक्षक भूपेन्द्र गुप्ता,सब इंजीनियर कुंजाम के साथ पुलिस परिवार के पदाधिकारी बड़ी संख्या मे महिला एवं बच्चें उपस्थित रहे जो भूमि पूजन में शामिल हुए। सामुदायिक भवन पाकर सभी परिवार वालों में खुशी और उत्साह नजर आया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय का धन्यवाद दिए ।

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सेवानिवृत्त श्री माखनलाल पाण्डेय संयुक्त संचालक अभियोजन (बिलासपुर संभाग) द्वारा NDPS एक्ट कार्यशाला का किया गया सफल आयोजन

बिलासावाणी_ श्री राम गोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज के द्वारा पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए NDPS Investigation  विवेचना की गुणवत्ता के सुधार विषय पर रेंज स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला (दिनांक २१अप्रैल२६) ऑन लाईनआयोजन पुलिस महानिरीक्षक मीटिंग हाल में किया गया। कार्यशाला में श्री आंजनेय वार्ष्णेय (भा.पु.से.) पुलिस अधीक्षक सारंगढ़, श्री पंकज पटेल अति0 पुलिस अधीक्षक बिलासपुर (शहर) ,श्री निमितेश सिंह न0पु0अ0 सिविल लाईन बिलासपुर, श्री विवेेक शर्मा उप पुलिस अधीक्षक पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय बिलासुपर रेंजकी गरिमामयी उपस्थिति रही।           कार्यक्रम का शुभारंभ श्री गर्ग पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज के द्वारा किया गया, जिसमें  NDPS Investigation  विवेचना के दौरान प्रकरणों में विवेचकों के द्वारा प्रकियात्मक त्रुटि की जा रही है जिससे अभियोजन का पक्ष कमजोर होने से आरोपी को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होता है तथा वे दोषमुक्त हो जाते हैं। विवेचना के स्तर को आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप उन्नत करने हेतु मार्गदर्शित किया ।     ...

सरकंडा में पीड़ित महिला और परिवारजनों पर हमला : (BNS) की धारा 115(2),296,3(5),351(2) अपराध पंजीबद्ध

  भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) के अनुसार,  जो कोई भी जानबूझकर किसी को चोट पहुँचाता है, तो उसे एक साल तक की कैद, या ₹ 10,000 तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं ।  यह उस स्थिति को दर्शाता है जहाँ कोई व्यक्ति यह जानते हुए भी कोई ऐसा काम करता है, जिससे किसी दूसरे व्यक्ति को चोट पहुँच सकती है, जैसे मारपीट या धक्का-मुक्की।   भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा   296   सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील हरकतें या गाने से संबंधित है और इसके लिए तीन महीने तक की कैद, ₹1,000 तक का जुर्माना, या दोनों का प्रावधान है ।  इसका उद्देश्य सार्वजनिक नैतिकता और शालीनता को बनाए रखना है।  यह धारा सार्वजनिक स्थानों पर किए गए ऐसे कृत्यों को दंडित करती है जो दूसरों को परेशान करने के इरादे से किए जाते हैं।  क्या है अपराध :  कोई भी व्यक्ति जो सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत करता है या अश्लील गाना, गाथागीत या शब्द गाता या सुनाता है।   सजा :  तीन महीने तक की कैद या एक हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों।  उद्देश्य :  सार्वजनिक स्थानों पर अश्ली...

चाकू दिखाकर लूट : धारा 309(4),3(5) बीएनएस

सन्दर्भ : अप.क्र. 1197/2025, थाना सिविल लाईन  जिला बिलासपुर छ.ग. धारा 309(4),3(5) बीएनएस।  भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(4) के अनुसार,  जो कोई भी डकैती करेगा, उसे 10 साल तक के कठोर कारावास और जुर्माने की सज़ा हो सकती है ।  यदि डकैती सूर्यास्त और सूर्योदय के बीच राजमार्ग पर की जाती है, तो सज़ा को बढ़ाकर 14 साल तक किया जा सकता है।   भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5) सामान्य आशय के सिद्धांत से संबंधित है।  इसके अनुसार,  जब कोई आपराधिक कार्य कई व्यक्तियों द्वारा एक सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने के लिए किया जाता है, तो उनमें से प्रत्येक व्यक्ति उस अपराध के लिए उसी तरह जिम्मेदार होगा जैसे कि उसने वह अपराध अकेले किया हो ।  इसका मतलब है कि यदि एक समूह के सभी सदस्य मिलकर कोई अपराध करते हैं, तो हर सदस्य को सामूहिक रूप से दोषी माना जाएगा, भले ही उसने अपराध में सीधा योगदान न दिया हो।   ♦ लूटपाट करने वाले ऑटो चालक को थाना सिविल लाईन पुलिस ने किया गिरफ्तार। आरोपीगणो से घटना मे प्रयुक्त ऑटो क्रमाॅक ^^^^^ किया गया जप्त। *नाम आरोपी:ः- * 01. #####...

सुने मकान में अश्लील फोटो वायरल की धमकी देकर दुष्कर्म : धारा - 69, 296, 351(2) बीएनएस

सन्दर्भ : अप0 क्र.- 1437/2025,थाना -सरकंडा, जिला-बिलासपुर (छ.ग.)  धारा - 69, 296, 351(2) बीएनएस धारा - 69, बीएनएस    :  कपटपूर्ण साधनों आदि का प्रयोग करके संभोग करना धारा - 296, बीएनएस :  जो कोई भी सार्वजनिक स्थान पर या उसके आसपास अश्लील कृत्य करता है या अश्लील गीत, गाथागीत या शब्द गाता है, उसे तीन महीने तक की कैद, ₹1,000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।  इस धारा का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर शालीनता बनाए रखना और दूसरों को परेशान होने से बचाना है।   बीएनएस की धारा 351(2) के तहत,  किसी व्यक्ति के सम्मान को ठेस पहुँचाने या उसे कोई कार्य करने के लिए मजबूर करने की धमकी देने वाले अपराधी को 2 साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं ।  इस धारा का उद्देश्य आपराधिक धमकी से संबंधित मामलों को संबोधित करना है।   आरोपी द्वारा अपने परिचित किसी महिला से मिलाने के नाम पीड़िता को खाली मकान में ले जाकर बनाया शारीरिक संबंध। आरोपी ने पीड़िता का अश्लील फोटो खींचकर वायरल करने की धमकी देकर किया बालात्कार। पीड़िता द्वारा विरोध करने पर आरोपी ने किया म...

चोरी का अवैध कबाड़ बिक्री करने के भेजने की तैयारी : धारा 35(1)BNSS/303 BNS

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(1) पुलिस को कुछ परिस्थितियों में बिना वारंट के किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने का अधिकार देती है।  इन परिस्थितियों में किसी संज्ञेय अपराध के संबंध में पुलिस अधिकारी की उपस्थिति में किसी व्यक्ति द्वारा अपराध करना, या किसी व्यक्ति के खिलाफ उचित शिकायत या विश्वसनीय जानकारी का होना शामिल है।     "303 बीएनएस" भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303 को संदर्भित करता है , जो चोरी के अपराध और उसके दंड को परिभाषित करता है।  यह किसी अन्य व्यक्ति की सहमति के बिना उसकी चल संपत्ति को बेईमानी से छीनने को अपराध मानता है। धारा 303 बीएनएस के प्रमुख पहलू चोरी की परिभाषा :  चोरी को किसी भी चल संपत्ति को किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसके कब्जे से छीनने के इरादे से बेईमानी से स्थानांतरित करने के रूप में परिभाषित किया जाता है। "स्थानांतरण" का दायरा :  इसमें न केवल शारीरिक गतिविधि शामिल है, बल्कि किसी बाधा को हटाना या किसी वस्तु को किसी अन्य वस्तु या जमीन से अलग करना भी शामिल है।   सजा : पहली बार अपराध करने वाले :...

गौ माता के साथ अनाचार : धारा- 299 बीएनएस 11 (1) (ए) पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960

सन्दर्भ अपराध क्रमांक :   694/2025, थाना मस्तुरी, बिलासपुर  पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11 में उन सभी प्रकार के कृत्यों को "क्रूरता" के रूप में परिभाषित किया गया है जो पशुओं के प्रति अनावश्यक पीड़ा और कष्ट पहुंचाते हैं।  इनमें पशुओं को मारना, पीटना, अधिक लादना, आवश्यकता से अधिक काम लेना, पर्याप्त भोजन-पानी न देना, और घायल या बीमार पशुओं का इलाज न कराना शामिल है।  इस धारा के उल्लंघन पर दंड का प्रावधान है, जिसमें जुर्माना और कारावास दोनों शामिल हैं।   भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299   धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के उद्देश्य से किए गए जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्यों से संबंधित है ।  इसका अर्थ है कि कोई भी व्यक्ति जो जानबूझकर किसी धर्म या उसके धार्मिक विश्वासों का अपमान करता है, मौखिक, लिखित, संकेतों या इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से, उसे दंडित किया जा सकता है।   🔸 आरोपी को गिरफ्‌तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया । आरोपी का नाम :- ******* उम्र 30 साल पता-गतौरा थाना मस्तुरी जिला बिलासपुर विवरण :- मामले का सक्षिप्त विवरण...